भाकियू (रोड) के प्रदर्शन के बाद ग्रामीणों का रास्ता बंद करने पर आर्मी के खिलाफ हुआ मुकदमा दर्ज

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(दिलशाद खान)

(न्यूज़ रुड़कीं) रुड़की के भंगेड़ी गांव में रास्ते का विवाद अब तूल पकड़ता जा रहा है।आर्मी द्वारा चार गांव का रास्ता बंद किये जाने से नाराज़ भारतीय किसान यूनियन रोड और सैंकड़ो ग्रामीणों ने जॉइंट मजिस्ट्रेट कार्यालय पर  ज़ोरदार प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की।वही ज्वॉइंट मजिस्ट्रेट रुड़कीं ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मुकदमा दर्ज किया है इतना ही नही यह मुकदमा पहली बार रास्ता खुलवाने को लेकर दर्ज हुआ है। ज्वॉइंट मजिस्ट्रेट की इस कार्यवाही से ग्रामीणों में उम्मीद जगी है क्योंकि रास्ता खुलने से हज़ारों लोगों को राहत मिलेगी

गौरतलब है कि पिछले लंबे समय से रास्ते के विवाद को लेकर ग्रामीणों और आर्मी के बीच तनाव बना हुआ है आर्मी के अधिकारियों ने कोविड गाइडलाईन का हवाला देते हुए लगभग चार गांव का रास्ता कई साल पहले बंद कर दिया था जिसके बाद कई बार ग्रामीणों द्वारा विरोध प्रदर्शन भी हुए।प्रदर्शन कर रहे किसानों से वार्ता करने पहुँचे ज्वॉइंट मजिस्ट्रेट रुड़कीं अंशुल सिंह का कहना है कोविड के बढ़ते मामले को देखते हुए ग्रामीणों के आने जाने पर आर्मी ने रास्ते पर रोक लगा दी थी जिस वजह से गाँव के लोगो को भारी परेशानी का सामना करना पढ़ रहा है लेकिन अब कोविड के मामले घटने लगे है आर्मी को रास्ता खोल देना चाहिए । अंशुल सिंह ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की गाईडलाईन के मुताबिक गोहर की ज़मीन  पर किसी तरह का कोई भी कब्ज़ा किसी भी सूरत में बर्दाश्त नही किया जायेगा। आज गाँव के लोगो की परेशानी को देखते हुए रास्ता रोकने पर मुकदमा दर्ज किया गया है जिसमे 6 जुलाई में दूसरे पक्ष को बुलाया है। वही पदम सिंह रोड का कहना है आर्मी द्वारा रास्ता बंद करने पर पहली बार मुकदमा दर्ज हुआ है ज्वॉइंट मजिस्ट्रेट की इस कार्यवाही से भाकियू(रोड)व ग्रामीणों में बेहद उत्साह है अब ग्रामीणों को उम्मीद जगी है उनका रास्ता जल्द खुलेगा ।

दरअसल ग्रामीणों को अपने गांव में पहुंचने के लिए अब लंबा समय तय करके जाना होता है। लेकिन अब राजनैतिक दलों की कोशिश नाकाम होने के  बाद अब भारतीय किसान यूनियन रोड़ का ग्रामीणों को  बड़ा समर्थन मिला है। भारतीय किसान यूनियन रोड़ के राष्ट्रीय अध्यक्ष पदम सिंह रोड़ ने साफ कर दिया है कि जिला प्रशासन को आर्मी अधिकारियों से वार्ता कर रास्ते का समाधान निकालना चाहिए नहीं तो भारतीय किसान यूनियन रोड़ जॉइंट मजिस्ट्रेट कार्यालय का घेराव करेगी जिसकी ज़िम्मेदारी तहसील प्रशासन की होगी। भारतीय किसान यूनियन रोड़ के प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाएं भी मौजूद रही।

भारतीय किसान यूनियन रोड़ के राष्ट्रीय अध्यक्ष पदम सिंह रोड़ ने बड़ी बेबाकी के साथ कहा कि  केंद्र सरकार से लेकर प्रदेश सरकार तक ग्रामीणों के रास्ते को लेकर गंभीर नहीं है। इस मौके पर भारतीय किसान यूनियन रोड़ के युवा प्रदेश अध्यक्ष कुंवर संजीव कुशवाहा ने कहा कि सबसे बड़ी विडंबना है कि अपने रास्तों को खुलवाने के लिए महिलाओं को भी घर से बाहर निकलना पड़ रहा है।इस दौरान यूनियन के  ज़िला अध्यक्ष नाज़िम अली,वरिष्ठ उपाध्यक्ष मुबारिक अली, अनीस प्रधान, इंद्र सिंह रोड़, जावेद बीडीसी,ज़िला महामंत्री राव शाह आलम चिश्ती,राव अहतशाम अली, युवा नेता अफ़ज़ाल अली, शिक्षक वाजिद अली  आदि बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।

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