आर्थिक और मानसिक तनाव से झूज रहे ज़िला हरिद्वार के शराब ठेकेदारो ने राजस्व को लेकर मुख्यमंत्री से की मांग,घाटे से उभारने के लिये शराब ठेकेदारों ने लगायी मदद की गुहार

(दिलशाद खान)

(न्यूज़ रुड़कीं-हरिद्वार) आज रुड़की के नेहरू नगर में हरिद्वार जिले के देसी और विदेशी मदिरा के ठेकेदारों ने एक बैठक का आयोजन किया इस बैठक का मकसद कोविड 19 के चलते लगे कर्फ्यू और प्रतिबंधों से शराब ठेकेदारों पर राजस्व के रूप में लगातार बढ़ रहे बोझ से अवगत कराना है ।

ठेकेदारों का कहना है सरकार शराब की दुकानों की बिक्री के हिसाब से राजस्व ले या फिर दुकान खोलने का समय निर्धारण करे और उस वक्त होने वाली शराब की बिक्री का राजस्व ठेकेदारो से लिया जाये ।कोरोना महामारी के डर से और प्रतिबंधों के चलते कोई ग्राहक या यात्री दुकान पर नही आ पा रहा है जिससे शराब ठेकेदारों के सामने बिक्री करने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है  जिससे स्थिति बेहद खराब हो चुकी है । ज़िला हरिद्वार के देशी और विदेशी मुद्रा के ठेकेदारों ने सरकार से मांग की है ऐसे हालातो में सरकार उनकी परेशानी को समझे और राजस्व माफ कर उनकी मदद करे।अगर जल्द सरकार ने शराब ठेकेदारों के हित में कोई निर्णय ना लिया तो शराब ठेकेदार भुखमरी के कगार पर पहुंच जायेगा जिसे आत्महत्या जैसा कदम उठाने के लिये मजबूर होंना पड़ेगा।

हालांकि कोरोना महामारी में शराब ठेकेदार सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है । इतना ही नही शराब ठेकेदारों का कहना है पिछले वर्ष कोविड टेक्स के रूप में राजस्व से अलग शराब ठेकेदारों के द्वारा सरकार को 40 करोड़ रुपये दिये गये थे । शराब ठेकेदारों का कहना है पर्यटक क्षेत्र होने के चलते यात्रियों के ना आने की वजह से बिक्री 20 से 25 प्रतिशत रह गयी है जिससे शराब ठेकेदारों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है जिससे शराब ठेकेदार आर्थिक और मानसिक रूप से बेहद परेशान है । शराब ठेकेदारों के आगे रोज़ी रोटी का संकट भी गहराने लगा है शराब ठेकेदारों का कहना है सरकार उनसे समय निर्धारित कर राजस्व वसूले या पूर्ण रूप से दुकानों को बंद करने का आदेश देकर शत प्रतिशत राजस्व ले ।

ज़िला हरिद्वार के शराब ठेकेदार की हालत इस वक्त बेहद खराब है जो राजस्व देने की हालत में बिल्कुल नही है अगर सरकार ने शराब कारोबारियों को लेकर जल्द कोई निर्णय ना लिया तो शराब कारोबारी आत्महत्या जैसा कदम उठाने से भी पीछे नही हटेगा शराब ठेकेदार सरकार से मदद की गुहार लगा रहे है ।शराब कारोबारी जुगेंद्र कुमार और प्रवीण कुमार ने बैठक के दौरान बताया कि प्रदेश सरकार ने जो एसओपी जारी की है उसमें  नगर पंचायत और नगर निगम के क्षेत्र में आने वाली मदिरा की सभी दुकानों को भी बंद करने के आदेश जारी किए गए हैं। प्रदेश में 3 मई तक पूर्ण लौकडाउन लगा दिया गया है जिससे शराब ठेकेदारों के सामने राजस्व देना बेहद मुश्किल हो गया है ठेकेदारों ने इस अवधि का राजस्व माफ किये जाने की सरकार से मांग की है।

रूडकी और आसपास के शराब कारोबारी प्रदेश के सीएम तीरथ सिंह रावत के समक्ष शराब कारोबारियों की स्थिति को अवगत करा चुके हैं  जिसके चलते सीएम ने शराब कारोबारियों को आश्वस्त भी किया था की जल्द ही उनकी समस्याओं को गंभीरता से लिया जाएगा लेकिन सिर्फ आश्वासन के अलावा उन्हें कुछ हासिल नही हुआ। अगर सरकार ने इस वर्ष का राजस्व  खत्म ना किया तो हालात और भी खराब हो जाएंगे। बैठक में शराब कारोबारी नितिन कर्णवाल, मोहित जयसवाल, विनय चौधरी, सागर बड़कोटि,मनोज तोमर, दिवेन्द्र राणा, योगेंद्र सिंह आदि ने अपने विचार रखे।

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